जयपूर पंचांग, रविवार, 24 मे, 2026
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल नवमी 04:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल दशमी 05:11 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी 02:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर उत्तरा फाल्गुनी 04:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | हर्षण 03:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर वज्र 03:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 16:25 पर्यंतनंतर कौलव 04:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 16:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | अधिक ज्येष्ठ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:35 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:13 |
| चंद्रोदय | 13:06 |
| चंद्रास्त | 01:13 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | सिंह |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:57 ते 12:51 |
|---|---|
| राहुकाळ | 17:30 ते 19:13 |
| यमगंड | 12:24 ते 14:06 |
| गुलिक काळ | 15:48 ते 17:30 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा