जयपूर पंचांग, रविवार, 1 मार्च, 2026
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल त्रयोदशी 19:10 पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्दशी 17:56 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य 08:34 पर्यंतनंतर आश्लेषा 07:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शोभन 14:33 पर्यंतनंतर अतिगंड 12:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 07:54 पर्यंतनंतर तैतिल 19:10 पर्यंत; नंतर गरज 06:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वणिज 17:56 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:51 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:28 |
| चंद्रोदय | 16:26 |
| चंद्रास्त | 05:24 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:16 ते 13:03 |
|---|---|
| राहुकाळ | 17:01 ते 18:28 |
| यमगंड | 12:39 ते 14:06 |
| गुलिक काळ | 15:34 ते 17:01 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा