इंदूर पंचांग, शुक्रवार, 31 डिसेंबर, 2027
इंदूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल तृतीया 08:12 पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्थी 10:56 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण 13:06 पर्यंतनंतर धनिष्ठा 16:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | हर्षण 09:44 पर्यंतनंतर वज्र 10:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 08:12 पर्यंतनंतर वणिज 21:33 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 10:56 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | पौष (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:06 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:53 |
| चंद्रोदय | 09:27 |
| चंद्रास्त | 20:59 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:08 ते 12:51 |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:09 ते 12:29 |
| यमगंड | 15:11 ते 16:32 |
| गुलिक काळ | 08:27 ते 09:48 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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