इंदूर पंचांग, शुक्रवार, 20 ऑगस्ट, 2027
इंदूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण तृतीया 18:54 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्थी 20:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा 07:39 पर्यंतनंतर उत्तरा भाद्रपदा 09:39 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | धृती 03:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शूल 02:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 06:08 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 18:54 पर्यंत; नंतर बव 07:33 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:05 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:55 |
| चंद्रोदय | 20:31 |
| चंद्रास्त | 08:24 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:04 ते 12:56 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:54 ते 12:30 |
| यमगंड | 15:43 ते 17:19 |
| गुलिक काळ | 07:41 ते 09:17 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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