इंदूर पंचांग, बुधवार, 21 जुलै, 2027
इंदूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण तृतीया 04:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्थी 06:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा 20:34 पर्यंतनंतर शततारका 23:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | आयुष्मान 18:34 पर्यंतनंतर सौभाग्य 19:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 15:36 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 04:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बव 17:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आषाढ (अमांत)श्रावण (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:53 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:13 |
| चंद्रोदय | 20:56 |
| चंद्रास्त | 07:57 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:06 ते 13:00अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:33 ते 14:13 |
| यमगंड | 07:33 ते 09:13 |
| गुलिक काळ | 10:53 ते 12:33 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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