इंदूर पंचांग, रविवार, 18 एप्रिल, 2027
इंदूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल द्वादशी 07:43 पर्यंतनंतर शुक्ल त्रयोदशी 06:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी 06:06 पर्यंतनंतर उत्तरा फाल्गुनी 05:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर हस्त 04:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ध्रुव 21:58 पर्यंतनंतर व्याघात 19:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 07:43 पर्यंतनंतर कौलव 18:54 पर्यंत; नंतर तैतिल 06:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:04 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:48 |
| चंद्रोदय | 16:28 |
| चंद्रास्त | 04:04 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | सिंह |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:01 ते 12:52 |
|---|---|
| राहुकाळ | 17:13 ते 18:48 |
| यमगंड | 12:26 ते 14:02 |
| गुलिक काळ | 15:37 ते 17:13 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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