इंदूर पंचांग, बुधवार, 17 फेब्रुवारी, 2027
इंदूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल एकादशी 17:32 पर्यंतनंतर शुक्ल द्वादशी 14:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा 23:29 पर्यंतनंतर पुनर्वसु 21:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | प्रीती 02:37 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर आयुष्मान 22:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 06:59 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 17:32 पर्यंत; नंतर बव 04:02 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 14:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | माघ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:57 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:24 |
| चंद्रोदय | 14:29 |
| चंद्रास्त | 03:39 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:18 ते 13:04अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:41 ते 14:07 |
| यमगंड | 08:23 ते 09:49 |
| गुलिक काळ | 11:15 ते 12:41 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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