इंदूर पंचांग, शुक्रवार, 3 जुलै, 2026
इंदूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण तृतीया 11:21 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्थी 12:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण 11:47 पर्यंतनंतर धनिष्ठा 13:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | विष्कंभ 16:59 पर्यंतनंतर प्रीती 17:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 11:21 पर्यंतनंतर बव 00:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 12:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | ज्येष्ठ (अमांत)आषाढ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:46 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:16 |
| चंद्रोदय | 21:46 |
| चंद्रास्त | 08:27 |
| सूर्य राशी | मिथुन |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:04 ते 12:58 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:50 ते 12:31 |
| यमगंड | 15:53 ते 17:35 |
| गुलिक काळ | 07:27 ते 09:08 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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