इंदूर पंचांग, गुरुवार, 16 एप्रिल, 2026
इंदूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्दशी 20:12 पर्यंतनंतर अमावास्या 17:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा 13:59 पर्यंतनंतर रेवती 12:02 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ऐंद्र 10:37 पर्यंतनंतर वैधृती 07:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 09:26 पर्यंतनंतर शकुनी 20:12 पर्यंत; नंतर चतुष्पाद 06:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत)वैशाख (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:06 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:48 |
| चंद्रोदय | 05:00 |
| चंद्रास्त | 17:45 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:01 ते 12:52 |
|---|---|
| राहुकाळ | 14:02 ते 15:37 |
| यमगंड | 06:06 ते 07:41 |
| गुलिक काळ | 09:16 ते 10:51 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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