इंदूर पंचांग, सोमवार, 16 फेब्रुवारी, 2026
इंदूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्दशी 17:35 पर्यंतनंतर अमावास्या 17:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण 20:48 पर्यंतनंतर धनिष्ठा 21:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वरीयान 01:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर परिघ 00:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | शकुनी 17:35 पर्यंतनंतर चतुष्पाद 05:37 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर नाग 17:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | माघ (अमांत)फाल्गुन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:58 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:24 |
| चंद्रोदय | 06:10 |
| चंद्रास्त | 17:24 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:18 ते 13:04 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:24 ते 09:49 |
| यमगंड | 11:15 ते 12:41 |
| गुलिक काळ | 14:07 ते 15:32 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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