इंदूर पंचांग, रविवार, 18 जानेवारी, 2026
इंदूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | अमावास्या 01:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल प्रतिपदा 02:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा 10:14 पर्यंतनंतर उत्तराषाढा 11:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | हर्षण 21:11 पर्यंतनंतर वज्र 20:45 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | चतुष्पाद 12:46 पर्यंतनंतर नाग 01:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर किंस्तुघ्न 13:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | पौष (अमांत)माघ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:09 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:05 |
| चंद्रोदय | 06:49 |
| चंद्रास्त | 17:40 |
| सूर्य राशी | मकर |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:15 ते 12:59 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:43 ते 18:05 |
| यमगंड | 12:37 ते 13:59 |
| गुलिक काळ | 15:21 ते 16:43 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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