हैदराबाद पंचांग, बुधवार, 11 मार्च, 2026
हैदराबाद साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण अष्टमी 04:20 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण नवमी 06:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | ज्येष्ठा 22:00 पर्यंतनंतर मूळ 00:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वज्र 09:12 पर्यंतनंतर सिद्धी 09:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 15:09 पर्यंतनंतर कौलव 04:20 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 17:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत)चैत्र (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:27 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:25 |
| चंद्रोदय | 00:26 |
| चंद्रास्त | 11:32 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | वृश्चिक |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:02 ते 12:50अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:26 ते 13:56 |
| यमगंड | 07:57 ते 09:27 |
| गुलिक काळ | 10:57 ते 12:26 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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