दिल्ली पंचांग, शुक्रवार, 19 नोव्हेंबर, 2027
दिल्ली साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण षष्ठी 21:21 पर्यंतनंतर कृष्ण सप्तमी 19:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य 00:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर आश्लेषा 23:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुक्ल 01:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर ब्रह्म 22:11 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 10:24 पर्यंतनंतर वणिज 21:21 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 08:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत)मार्गशीर्ष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:46 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:26 |
| चंद्रोदय | 22:37 |
| चंद्रास्त | 11:36 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:45 ते 12:28 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:46 ते 12:06 |
| यमगंड | 14:46 ते 16:06 |
| गुलिक काळ | 08:06 ते 09:26 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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