दिल्ली पंचांग, शुक्रवार, 27 नोव्हेंबर, 2026
दिल्ली साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण तृतीया 09:49 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्थी 06:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कृष्ण पंचमी 03:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा 15:09 पर्यंतनंतर पुनर्वसु 12:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुभ 23:51 पर्यंतनंतर शुक्ल 20:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 09:49 पर्यंतनंतर बव 20:12 पर्यंत; नंतर बालव 06:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 17:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत)मार्गशीर्ष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:53 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:24 |
| चंद्रोदय | 20:13 |
| चंद्रास्त | 09:48 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:47 ते 12:30 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:50 ते 12:09 |
| यमगंड | 14:46 ते 16:05 |
| गुलिक काळ | 08:12 ते 09:31 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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