दिल्ली पंचांग, मंगळवार, 17 नोव्हेंबर, 2026
दिल्ली साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल अष्टमी 06:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल नवमी 07:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा 04:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शततारका 06:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वृद्धी 07:54 पर्यंतनंतर ध्रुव 08:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 17:18 पर्यंतनंतर बव 06:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 18:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:45 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:27 |
| चंद्रोदय | 12:48 |
| चंद्रास्त | या दिवशी नाही |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:44 ते 12:27 |
|---|---|
| राहुकाळ | 14:46 ते 16:07 |
| यमगंड | 09:25 ते 10:46 |
| गुलिक काळ | 12:06 ते 13:26 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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