दिल्ली पंचांग, बुधवार, 21 ऑक्टोबर, 2026
दिल्ली साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल दशमी 14:12 पर्यंतनंतर शुक्ल एकादशी 14:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा 19:48 पर्यंतनंतर शततारका 20:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 00:33 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर वृद्धी 23:39 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 14:12 पर्यंतनंतर वणिज 02:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 14:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:25 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:46 |
| चंद्रोदय | 14:51 |
| चंद्रास्त | 01:26 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 ते 12:28अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:06 ते 13:31 |
| यमगंड | 07:50 ते 09:15 |
| गुलिक काळ | 10:40 ते 12:06 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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