दिल्ली पंचांग, रविवार, 4 ऑक्टोबर, 2026
दिल्ली साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण नवमी 03:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण दशमी 02:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुनर्वसु 00:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर पुष्य 23:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | परिघ 12:32 पर्यंतनंतर शिव 09:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 16:52 पर्यंतनंतर गरज 03:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वणिज 15:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:15 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:04 |
| चंद्रोदय | या दिवशी नाही |
| चंद्रास्त | 14:02 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:46 ते 12:33 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:35 ते 18:04 |
| यमगंड | 12:10 ते 13:38 |
| गुलिक काळ | 15:07 ते 16:35 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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