दिल्ली पंचांग, सोमवार, 13 जुलै, 2026
दिल्ली साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्दशी 18:50 पर्यंतनंतर अमावास्या 15:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मृग 05:42 पर्यंतनंतर आर्द्रा 02:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर पुनर्वसु 00:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ध्रुव 16:00 पर्यंतनंतर व्याघात 11:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 08:40 पर्यंतनंतर शकुनी 18:50 पर्यंत; नंतर चतुष्पाद 05:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर नाग 15:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | ज्येष्ठ (अमांत)आषाढ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:32 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:22 |
| चंद्रोदय | 03:50 |
| चंद्रास्त | 18:40 |
| सूर्य राशी | मिथुन |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:59 ते 12:54 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:16 ते 08:59 |
| यमगंड | 10:43 ते 12:27 |
| गुलिक काळ | 14:10 ते 15:54 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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