दिल्ली पंचांग, बुधवार, 31 डिसेंबर, 2025
दिल्ली साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल द्वादशी 01:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल त्रयोदशी 22:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका 01:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर रोहिणी 22:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | साध्य 21:13 पर्यंतनंतर शुभ 17:12 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 15:27 पर्यंतनंतर बालव 01:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 12:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | पौष (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:13 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:35 |
| चंद्रोदय | 14:19 |
| चंद्रास्त | 03:42 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:03 ते 12:45अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:24 ते 13:42 |
| यमगंड | 08:31 ते 09:49 |
| गुलिक काळ | 11:06 ते 12:24 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा