चेन्नई पंचांग, शुक्रवार, 29 ऑक्टोबर, 2027
चेन्नई साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- दिवाळी (लक्ष्मीपूजन)
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | अमावास्या 19:07 पर्यंतनंतर शुक्ल प्रतिपदा 17:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा 10:27 पर्यंतनंतर स्वाती 09:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | प्रीती 00:34 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर आयुष्मान 22:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | चतुष्पाद 07:55 पर्यंतनंतर नाग 19:07 पर्यंत; नंतर किंस्तुघ्न 06:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत)कार्तिक (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:02 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:44 |
| चंद्रोदय | 05:32 |
| चंद्रास्त | 17:24 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:29 ते 12:16 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:25 ते 11:53 |
| यमगंड | 14:48 ते 16:16 |
| गुलिक काळ | 07:29 ते 08:57 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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