चेन्नई पंचांग, रविवार, 1 ऑगस्ट, 2027
चेन्नई साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्दशी 19:21 पर्यंतनंतर अमावास्या 15:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुनर्वसु 20:05 पर्यंतनंतर पुष्य 17:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वज्र 22:43 पर्यंतनंतर सिद्धी 18:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 09:11 पर्यंतनंतर शकुनी 19:21 पर्यंत; नंतर चतुष्पाद 05:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर नाग 15:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आषाढ (अमांत)श्रावण (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:54 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:36 |
| चंद्रोदय | 04:26 |
| चंद्रास्त | 17:44 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 ते 12:41 |
|---|---|
| राहुकाळ | 17:01 ते 18:36 |
| यमगंड | 12:15 ते 13:50 |
| गुलिक काळ | 15:26 ते 17:01 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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