चेन्नई पंचांग, मंगळवार, 25 मे, 2027
चेन्नई साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण पंचमी 01:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण षष्ठी 04:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तराषाढा 01:12 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर श्रवण 04:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुक्ल 00:56 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर ब्रह्म 02:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 12:14 पर्यंतनंतर तैतिल 01:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 14:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत)ज्येष्ठ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:42 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:30 |
| चंद्रोदय | 22:39 |
| चंद्रास्त | 09:32 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:40 ते 12:31 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:18 ते 16:54 |
| यमगंड | 08:54 ते 10:30 |
| गुलिक काळ | 12:06 ते 13:42 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा