चेन्नई पंचांग, मंगळवार, 11 मे, 2027
चेन्नई साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल षष्ठी 01:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल सप्तमी 23:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुनर्वसु 16:26 पर्यंतनंतर पुष्य 14:56 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शूल 17:00 पर्यंतनंतर गंड 14:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 14:35 पर्यंतनंतर तैतिल 01:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 12:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:44 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:26 |
| चंद्रोदय | 10:16 |
| चंद्रास्त | 23:29 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:40 ते 12:31 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:16 ते 16:51 |
| यमगंड | 08:55 ते 10:30 |
| गुलिक काळ | 12:05 ते 13:41 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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