चेन्नई पंचांग, शनिवार, 1 मे, 2027
चेन्नई साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- महाराष्ट्र दिन
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण दशमी 18:54 पर्यंतनंतर कृष्ण एकादशी 19:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | शततारका 01:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर पूर्वा भाद्रपदा 02:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ब्रह्म 18:43 पर्यंतनंतर ऐंद्र 18:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 06:09 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 18:54 पर्यंत; नंतर बव 07:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत)वैशाख (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:48 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:24 |
| चंद्रोदय | 01:59 |
| चंद्रास्त | 14:04 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:41 ते 12:31 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:57 ते 10:32 |
| यमगंड | 13:41 ते 15:15 |
| गुलिक काळ | 05:48 ते 07:23 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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