चेन्नई पंचांग, मंगळवार, 19 जानेवारी, 2027
चेन्नई साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल एकादशी 07:50 पर्यंतनंतर शुक्ल द्वादशी 04:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर शुक्ल त्रयोदशी 01:12 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी 18:54 पर्यंतनंतर मृग 16:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ब्रह्म 02:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर ऐंद्र 22:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 07:50 पर्यंतनंतर बव 18:19 पर्यंत; नंतर बालव 04:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 14:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | पौष (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:35 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:04 |
| चंद्रोदय | 14:40 |
| चंद्रास्त | 03:03 |
| सूर्य राशी | मकर |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:57 ते 12:42 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:12 ते 16:38 |
| यमगंड | 09:27 ते 10:53 |
| गुलिक काळ | 12:20 ते 13:46 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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