चेन्नई पंचांग, बुधवार, 4 फेब्रुवारी, 2026
चेन्नई साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण तृतीया 00:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्थी 00:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी 22:13 पर्यंतनंतर उत्तरा फाल्गुनी 22:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | अतिगंड 01:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर सुकर्मा 00:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 12:20 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 00:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बव 12:11 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | माघ (अमांत)फाल्गुन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:35 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:11 |
| चंद्रोदय | 20:29 |
| चंद्रास्त | 08:15 |
| सूर्य राशी | मकर |
| चंद्र राशी | सिंह |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 ते 12:46अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:23 ते 13:50 |
| यमगंड | 08:02 ते 09:29 |
| गुलिक काळ | 10:56 ते 12:23 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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