भोपाळ पंचांग, बुधवार, 13 ऑक्टोबर, 2027
भोपाळ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल त्रयोदशी 17:49 पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्दशी 18:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा 20:59 पर्यंतनंतर उत्तरा भाद्रपदा 22:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वृद्धी 16:31 पर्यंतनंतर ध्रुव 16:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 17:49 पर्यंतनंतर गरज 06:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:16 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:57 |
| चंद्रोदय | 16:28 |
| चंद्रास्त | 04:07 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 ते 12:30अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:07 ते 13:34 |
| यमगंड | 07:44 ते 09:11 |
| गुलिक काळ | 10:39 ते 12:07 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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