भोपाळ पंचांग, रविवार, 10 ऑक्टोबर, 2027
भोपाळ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल दशमी 11:41 पर्यंतनंतर शुक्ल एकादशी 14:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण 13:25 पर्यंतनंतर धनिष्ठा 16:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | धृती 14:53 पर्यंतनंतर शूल 15:45 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 11:41 पर्यंतनंतर वणिज 00:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 14:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:15 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:00 |
| चंद्रोदय | 14:53 |
| चंद्रास्त | 01:34 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:44 ते 12:31 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:32 ते 18:00 |
| यमगंड | 12:07 ते 13:35 |
| गुलिक काळ | 15:04 ते 16:32 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा