भोपाळ पंचांग, मंगळवार, 1 जून, 2027
भोपाळ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण एकादशी 09:40 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वादशी 08:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रेवती 12:50 पर्यंतनंतर अश्विनी 12:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सौभाग्य 00:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शोभन 21:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 09:40 पर्यंतनंतर कौलव 21:11 पर्यंत; नंतर तैतिल 08:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत)ज्येष्ठ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:34 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:03 |
| चंद्रोदय | 02:25 |
| चंद्रास्त | 15:35 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 ते 12:45 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:40 ते 17:21 |
| यमगंड | 08:56 ते 10:37 |
| गुलिक काळ | 12:18 ते 13:59 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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