भोपाळ पंचांग, गुरुवार, 20 मे, 2027
भोपाळ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- बुद्ध पौर्णिमा
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | पौर्णिमा 16:29 पर्यंतनंतर कृष्ण प्रतिपदा 17:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा 13:21 पर्यंतनंतर अनुराधा 14:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | परिघ 22:26 पर्यंतनंतर शिव 22:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 16:29 पर्यंतनंतर बालव 04:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 17:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:37 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:57 |
| चंद्रोदय | 19:04 |
| चंद्रास्त | 05:05 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 ते 12:44 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:57 ते 15:37 |
| यमगंड | 05:37 ते 07:17 |
| गुलिक काळ | 08:57 ते 10:37 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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