भोपाळ पंचांग, बुधवार, 14 एप्रिल, 2027
भोपाळ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल अष्टमी 15:24 पर्यंतनंतर शुक्ल नवमी 13:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुनर्वसु 10:52 पर्यंतनंतर पुष्य 09:33 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सुकर्मा 11:10 पर्यंतनंतर धृती 08:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 15:24 पर्यंतनंतर बालव 02:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 13:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:01 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:41 |
| चंद्रोदय | 12:15 |
| चंद्रास्त | 01:13 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:56 ते 12:46अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:21 ते 13:56 |
| यमगंड | 07:36 ते 09:11 |
| गुलिक काळ | 10:46 ते 12:21 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा