भोपाळ पंचांग, बुधवार, 23 डिसेंबर, 2026
भोपाळ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- दत्त जयंती
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल चतुर्दशी 10:48 पर्यंतनंतर पौर्णिमा 06:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कृष्ण प्रतिपदा 03:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी 07:57 पर्यंतनंतर मृग 04:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर आर्द्रा 01:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुभ 17:15 पर्यंतनंतर शुक्ल 12:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 10:48 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 20:54 पर्यंत; नंतर बव 06:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 17:02 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:58 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:41 |
| चंद्रोदय | 16:50 |
| चंद्रास्त | 06:04 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 ते 12:41अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:19 ते 13:40 |
| यमगंड | 08:18 ते 09:39 |
| गुलिक काळ | 10:59 ते 12:19 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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