भोपाळ पंचांग, शुक्रवार, 20 नोव्हेंबर, 2026
भोपाळ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- कार्तिकी एकादशी
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल दशमी 07:16 पर्यंतनंतर शुक्ल एकादशी 06:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर शुक्ल द्वादशी 04:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा 06:57 पर्यंतनंतर उत्तरा भाद्रपदा 06:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | हर्षण 06:40 पर्यंतनंतर वज्र 04:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर सिद्धी 02:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 07:16 पर्यंतनंतर वणिज 19:01 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 06:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बव 17:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:37 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:35 |
| चंद्रोदय | 14:19 |
| चंद्रास्त | 02:02 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:44 ते 12:28 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:44 ते 12:06 |
| यमगंड | 14:50 ते 16:12 |
| गुलिक काळ | 07:59 ते 09:21 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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