भोपाळ पंचांग, मंगळवार, 10 नोव्हेंबर, 2026
भोपाळ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- दिवाळी पाडवा (बलिप्रतिपदा)
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल प्रतिपदा 14:01 पर्यंतनंतर शुक्ल द्वितीया 15:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा 09:19 पर्यंतनंतर अनुराधा 11:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शोभन 03:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर अतिगंड 03:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 14:01 पर्यंतनंतर बालव 02:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 15:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:31 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:38 |
| चंद्रोदय | 07:20 |
| चंद्रास्त | 18:10 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | वृश्चिक |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 ते 12:26 |
|---|---|
| राहुकाळ | 14:51 ते 16:14 |
| यमगंड | 09:17 ते 10:41 |
| गुलिक काळ | 12:04 ते 13:28 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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