भोपाळ पंचांग, बुधवार, 16 सप्टेंबर, 2026
भोपाळ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल पंचमी 09:00 पर्यंतनंतर शुक्ल षष्ठी 10:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा 17:22 पर्यंतनंतर अनुराधा 19:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वैधृती 12:22 पर्यंतनंतर विष्कंभ 12:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 09:00 पर्यंतनंतर कौलव 21:50 पर्यंत; नंतर तैतिल 10:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:07 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:23 |
| चंद्रोदय | 10:46 |
| चंद्रास्त | 21:36 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 ते 12:40अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:15 ते 13:47 |
| यमगंड | 07:39 ते 09:11 |
| गुलिक काळ | 10:43 ते 12:15 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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