भोपाळ पंचांग, शनिवार, 8 ऑगस्ट, 2026
भोपाळ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण दशमी 14:00 पर्यंतनंतर कृष्ण एकादशी 11:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी 16:51 पर्यंतनंतर मृग 14:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ध्रुव 09:02 पर्यंतनंतर व्याघात 05:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर हर्षण 02:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 14:00 पर्यंतनंतर बव 00:34 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 11:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आषाढ (अमांत)श्रावण (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:53 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:58 |
| चंद्रोदय | 00:46 |
| चंद्रास्त | 15:03 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 ते 12:52 |
|---|---|
| राहुकाळ | 09:10 ते 10:48 |
| यमगंड | 14:04 ते 15:42 |
| गुलिक काळ | 05:53 ते 07:32 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा