भोपाळ पंचांग, शुक्रवार, 8 मे, 2026
भोपाळ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण षष्ठी 12:22 पर्यंतनंतर कृष्ण सप्तमी 14:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तराषाढा 21:20 पर्यंतनंतर श्रवण 23:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुभ 02:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल 02:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 12:22 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 01:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बव 14:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत)ज्येष्ठ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:43 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:51 |
| चंद्रोदय | या दिवशी नाही |
| चंद्रास्त | 10:40 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 ते 12:43 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:38 ते 12:17 |
| यमगंड | 15:34 ते 17:13 |
| गुलिक काळ | 07:21 ते 09:00 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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