भोपाळ पंचांग, गुरुवार, 9 एप्रिल, 2026
भोपाळ साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण सप्तमी 21:20 पर्यंतनंतर कृष्ण अष्टमी 23:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मूळ 08:48 पर्यंतनंतर पूर्वाषाढा 11:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | परिघ 17:58 पर्यंतनंतर शिव 18:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 08:13 पर्यंतनंतर बव 21:20 पर्यंत; नंतर बालव 10:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत)वैशाख (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:05 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:39 |
| चंद्रोदय | 00:21 |
| चंद्रास्त | 10:57 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:57 ते 12:47 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:56 ते 15:31 |
| यमगंड | 06:05 ते 07:39 |
| गुलिक काळ | 09:14 ते 10:48 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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