बंगळुरू पंचांग, शुक्रवार, 3 डिसेंबर, 2027
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल पंचमी 16:14 पर्यंतनंतर शुक्ल षष्ठी 18:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण 05:33 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर धनिष्ठा 08:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ध्रुव 04:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर व्याघात 05:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 16:14 पर्यंतनंतर कौलव 05:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 18:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:27 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:52 |
| चंद्रोदय | 10:32 |
| चंद्रास्त | 22:20 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:46 ते 12:32 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:44 ते 12:09 |
| यमगंड | 15:00 ते 16:26 |
| गुलिक काळ | 07:52 ते 09:18 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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