बंगळुरू पंचांग, गुरुवार, 16 सप्टेंबर, 2027
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण प्रतिपदा 05:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण द्वितीया 06:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा 13:44 पर्यंतनंतर उत्तरा भाद्रपदा 15:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शूल 09:30 पर्यंतनंतर गंड 09:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 17:16 पर्यंतनंतर कौलव 05:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 18:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:09 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:21 |
| चंद्रोदय | 18:29 |
| चंद्रास्त | 06:12 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 ते 12:39 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:46 ते 15:18 |
| यमगंड | 06:09 ते 07:40 |
| गुलिक काळ | 09:12 ते 10:43 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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