बंगळुरू पंचांग, बुधवार, 18 ऑगस्ट, 2027
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण प्रतिपदा 15:16 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वितीया 17:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | शततारका 05:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर पूर्वा भाद्रपदा 07:39 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | अतिगंड 02:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर सुकर्मा 02:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 15:16 पर्यंतनंतर तैतिल 04:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 17:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:08 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:39 |
| चंद्रोदय | 19:18 |
| चंद्रास्त | 06:44 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 ते 12:49अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:24 ते 13:57 |
| यमगंड | 07:42 ते 09:16 |
| गुलिक काळ | 10:50 ते 12:24 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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