बंगळुरू पंचांग, रविवार, 18 जुलै, 2027
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- गुरुपौर्णिमा
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | पौर्णिमा 21:15 पर्यंतनंतर कृष्ण प्रतिपदा 23:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा 11:18 पर्यंतनंतर उत्तराषाढा 14:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वैधृती 15:21 पर्यंतनंतर विष्कंभ 16:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 08:01 पर्यंतनंतर बव 21:15 पर्यंत; नंतर बालव 10:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आषाढ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:02 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:50 |
| चंद्रोदय | 18:45 |
| चंद्रास्त | 05:33 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 ते 12:51 |
|---|---|
| राहुकाळ | 17:14 ते 18:50 |
| यमगंड | 12:26 ते 14:02 |
| गुलिक काळ | 15:38 ते 17:14 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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