बंगळुरू पंचांग, गुरुवार, 3 जून, 2027
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण त्रयोदशी 06:35 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्दशी 04:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर अमावास्या 01:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी 11:02 पर्यंतनंतर कृत्तिका 09:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | अतिगंड 19:05 पर्यंतनंतर सुकर्मा 15:46 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 06:35 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 17:24 पर्यंत; नंतर शकुनी 04:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर चतुष्पाद 14:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत)ज्येष्ठ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:52 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:43 |
| चंद्रोदय | 04:06 |
| चंद्रास्त | 17:19 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:52 ते 12:43 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:54 ते 15:31 |
| यमगंड | 05:52 ते 07:29 |
| गुलिक काळ | 09:05 ते 10:41 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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