बंगळुरू पंचांग, रविवार, 6 डिसेंबर, 2026
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण त्रयोदशी 02:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्दशी 04:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाती 13:38 पर्यंतनंतर विशाखा 15:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शोभन 07:41 पर्यंतनंतर अतिगंड 07:46 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 13:35 पर्यंतनंतर वणिज 02:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 15:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत)मार्गशीर्ष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:28 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:53 |
| चंद्रोदय | 04:00 |
| चंद्रास्त | 15:43 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:48 ते 12:33 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:27 ते 17:53 |
| यमगंड | 12:11 ते 13:36 |
| गुलिक काळ | 15:02 ते 16:27 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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