बंगळुरू पंचांग, रविवार, 22 नोव्हेंबर, 2026
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल त्रयोदशी 02:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्दशी 23:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अश्विनी 04:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर भरणी 02:02 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्यतीपात 23:29 पर्यंतनंतर वरीयान 19:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 15:52 पर्यंतनंतर तैतिल 02:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 13:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:21 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:50 |
| चंद्रोदय | 15:45 |
| चंद्रास्त | 03:46 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 ते 12:29 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:24 ते 17:50 |
| यमगंड | 12:06 ते 13:32 |
| गुलिक काळ | 14:58 ते 16:24 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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