बंगळुरू पंचांग, शनिवार, 7 नोव्हेंबर, 2026
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण त्रयोदशी 10:48 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्दशी 11:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा 05:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर स्वाती 07:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | प्रीती 03:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर आयुष्मान 03:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 10:48 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 23:05 पर्यंत; नंतर शकुनी 11:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत)कार्तिक (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:15 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:52 |
| चंद्रोदय | 04:23 |
| चंद्रास्त | 16:22 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:40 ते 12:26 |
|---|---|
| राहुकाळ | 09:09 ते 10:36 |
| यमगंड | 13:30 ते 14:57 |
| गुलिक काळ | 06:15 ते 07:42 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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