बंगळुरू पंचांग, मंगळवार, 29 सप्टेंबर, 2026
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण तृतीया 17:11 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्थी 14:56 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अश्विनी 09:04 पर्यंतनंतर भरणी 07:37 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्याघात 06:13 पर्यंतनंतर हर्षण 03:20 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वज्र 00:20 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 06:14 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 17:11 पर्यंत; नंतर बव 04:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 14:56 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:09 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:11 |
| चंद्रोदय | 20:07 |
| चंद्रास्त | 08:18 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:46 ते 12:34 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:11 ते 16:41 |
| यमगंड | 09:09 ते 10:40 |
| गुलिक काळ | 12:10 ते 13:40 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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