बंगळुरू पंचांग, शनिवार, 29 ऑगस्ट, 2026
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण प्रतिपदा 09:57 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वितीया 09:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा 03:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर उत्तरा भाद्रपदा 03:45 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सुकर्मा 06:36 पर्यंतनंतर धृती 05:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर शूल 03:46 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 09:57 पर्यंतनंतर तैतिल 21:51 पर्यंत; नंतर गरज 09:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:08 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:33 |
| चंद्रोदय | 19:21 |
| चंद्रास्त | 06:53 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:56 ते 12:45 |
|---|---|
| राहुकाळ | 09:14 ते 10:47 |
| यमगंड | 13:54 ते 15:27 |
| गुलिक काळ | 06:08 ते 07:41 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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