बंगळुरू पंचांग, रविवार, 16 ऑगस्ट, 2026
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल चतुर्थी 16:53 पर्यंतनंतर शुक्ल पंचमी 17:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त 03:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर चित्रा 04:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | साध्य 04:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुभ 03:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 16:53 पर्यंतनंतर बव 04:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 17:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:07 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:40 |
| चंद्रोदय | 09:09 |
| चंद्रास्त | 21:17 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:59 ते 12:49 |
|---|---|
| राहुकाळ | 17:06 ते 18:40 |
| यमगंड | 12:24 ते 13:58 |
| गुलिक काळ | 15:32 ते 17:06 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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