बंगळुरू पंचांग, गुरुवार, 4 जून, 2026
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्थी 23:31 पर्यंतनंतर कृष्ण पंचमी 01:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तराषाढा 03:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर श्रवण 06:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुक्ल 09:03 पर्यंतनंतर ब्रह्म 09:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 10:28 पर्यंतनंतर बालव 23:31 पर्यंत; नंतर कौलव 12:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | अधिक ज्येष्ठ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:52 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:44 |
| चंद्रोदय | 22:06 |
| चंद्रास्त | 08:55 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:52 ते 12:44 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:54 ते 15:31 |
| यमगंड | 05:52 ते 07:29 |
| गुलिक काळ | 09:05 ते 10:42 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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